एक दिन मैं बूढ़पुर आश्रम में महाराज अमर सिंह जी के पास गई और मैंने उन्हें बताया कि मेरे पति लम्बे अरसे से बेकार हैं तथा मेरा भी सिलाई का काम ठप्प हो गया है। आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। मैंने उनसे कृपा करने तथा आशीर्वाद देने की प्रार्थना की। महाराज जी ने कहा कि तेरे पति की सात दिन में नौकरी लग जायेगी और तेरे काम में भी सुधार आ जायेगा। गुरुजी के आशीर्वाद से मेरे पति की नौकरी छठे दिन लग गई तथा मेरे काम में भी थोड़ा-सा फर्क पड़ा है। हम महाराज जी की कृपा के लिए अहसानमन्द हैं।
तृप्तारानी
बी ई-23, वैस्ट शालीमार बाग
दिल्ली-52
मैं प्रदीप, काफी दिनों से परेशान था क्योंकि न तो हमारे पास इतना धन था कि अपना काम कर पाता, न ही कोई नौकरी मिल रही थी। एक दिन मैं अपनी माँ के साथ बूढ़पुर आश्रम में महाराज अमर सिंह जी के पास गया तथा अपना सब हाल बता कर आशीर्वाद देने की याचना की। महाराज जी ने कहा कि तेरी नौकरी 15 दिन के अन्दर लग जायेगी। सचमुच ही मेरी नौकरी बारहवें दिन लग गई। यह सब महाराज जी की दया से ही हआ है. वरना हम तो बहुत दिनों से धक्के खा रहे थे।
प्रदीप, सुपुत्र-श्रीराम प्रकाश बी-110, जहाँगीर पुरी-दिल्ली-33
मैं एक दिन आश्रम में महाराज जी के दर्शन के लिए गया तथा मेरे मन में विचार पैदा हुआ कि यदि यहाँ कोई शक्ति है तो मुझे नौकरी मिल जायेगी वरना लोग यहाँ के बारे में जो बाते करते हैं, वे सब बेबुनियाद ही समझेंगा। मैंने महाराज जी से कोई बात नहीं की। मुझे आश्रम में आने के दस दिन बाद नौकरी का एपोईन्टमेन्ट पत्र मिला, जिसे देखकर मैं बड़ा हैरान हुआ। मेरे पिताजी डी०ई०एस०यू० में नौकरी करते थे। उनकी मृत्यु के बाद मैंने उनकी जगह नौकरी के लिए छः साल पहले एप्लाई किया था मगर डिपार्टमेन्ट के अधिकारियों ने मेरी दरखास्त नामन्जूर कर दी थी तथा मेरा केस बन्द कर दिया था। अब मुझे उसी दरखास्त के ऊपर नौकरी मिली है। मैं इसे महाराज जी की शक्ति का प्रभाव ही मानता हूँ। मैं कृतज्ञता प्रगट करने महाराज जी के पास गया, तो मेरे बिना कुछ कहे ही महाराज जी ने कहा कि तुम्हें हमारे गुरु महाराज की शक्ति पर अब तो कोई शक नहीं है। मैंने महाराज जी से क्षमा की प्रार्थना की।
योगेश
द्वारा. एस. के. जैन
27 सन्देश विहार, देहली-34
मैं अजय चोपड़ा, अपना खुद का बिजनेस करता था जिसमें मुझे भारी नुकसान हो गया और बिजनेस बन्द करना पड़ा। एक साल से मैं बहुत परेशान था। न कोई काम चल रहा था और न ही कोई नौकरी मिल रही थी। मैं 28 नवम्बर 1995 को आश्रम में आया और अमर सिंह जी महाराज से प्रार्थना की कि मेरा कष्ट निवारण करो। महाराज जी ने कहा कि हमने तुम्हारी प्रार्थना परमात्मा से कर दी है। सात दिन के भीतर तुम्हें कोई नौकरी मिल जायेगी। अभी कोई अपना काम करना उचित नहीं। महाराज जी के आशीर्वाद देने के बाद पाँचवे ही दिन, 2 दिसम्बर 1995 को मुझे एक बहुत अच्छी फर्म में एकाउन्ट्स सुपरवाईजर की नौकरी मिल गई। मैं महाराज जी का इस आभार के लिए जिन्दगी भर ऋणी रहूँगा।
अजय चोपड़ा
मकान नं0-9/6097, देव लोक गली, गान्धी नगर, दिल्ली-110031
फोन नं0-2435017