मेरा पुत्र टिम्मु गुर्दे में पथरी होने की वजह से परेशान था। डॉक्टरी इलाज से उसे कोई फायदा नहीं हो रहा था। एक दिन गुड़गाँव से गुरुजी ने हमारे घर फोन किया। मेरी पत्नी गुरुजी से फोन पर बात करते-करते सोच रही थी कि या तो गुरुजी को पथरी का इलाज नहीं आता या फिर हमसे नाराज हैं, जो बच्चे को तड़पता हुआ देखकर भी उसका इलाज नहीं करते। गुरुजी उनके मन की बात समझ गये। वे गुडगाँव का कार्यक्रम छोड़कर हमारे घर आ गए। टिम्मु उस समय दर्द से चिल्ला रहा था। गुरुजी ने टिम्मु के पेट पर हाथ फेरा और कहा, “जा पेशाब करके आ। अभी पथरी नकलती है” और सचमुच टिम्मु के पेशाब में से तीन छोटे-छोटे पत्थर के कड़े निकले। उसके पेट का दर्द ठीक हो गया । गुरुजी ने कहा, “अभी छोटा टुकड़ा और रह गया है जो कल सुबह आठ बजे निकलेगा। कल ब किसी बर्तन में करना।” ऐसा ही हुआ। मेरे परिवार के सभी लोग खुश हुए। गुरुजी ने मेरी पत्नी से कहा, “देख ले, गुरुजी को पथरी का न भी आता है और तुमसे नाराज भी नहीं है, तुम दूसरी बातें ऊपर से कर रही थी, मगर दिल में यही विचार थे।” मेरी पत्नी ने कहा, आप तो अन्तर्यामी हैं. हमारे विचारों के लिए हमें क्षमा करें।
श्री मलिन्दर सिंह, 61-सन्देश बिहार दिल्ली-110034 दूरभाष नं0-7184059
मैं बिट्टू, गुर्दे में पथरी होने की वजह से परेशान था। मैंने गुरुजी को बताया कि मेरे पेट में पथरी के कारण दर्द है। गुरुजी ने कहा “चार दिन दवा खाओ पथरी बाहर आ जाएगी।” सचमुच चौथे दिन मूंग के दाने के बराबर पथरी निकल गई और पेट का दर्द भी ठीक हो गया।
बिट्टू सुपुत्र श्री प्रेम प्रकाश आहूजा निकट परफैक्ट इंजीनियर दिल्ली गेट, गाजियाबाद
मैं स्वर्णा, गुर्दे और पेशाब की थैली के बीच में पथरी होने की वजह से कष्ट में थी। मैंने गुरुजी से अपना दुख दूर करने की प्रार्थना की, तो गुरुजी ने मुझे खाने के लिए गोलियाँ दी और कहा, दस दिन में पथरी निकल जायेगी। आठवें दिन पेशाब के साथ पथरी निकल गई। मेरा पेट दर्द भी ठीक हो गया ।
स्वर्णा धर्मपत्नी श्री मुलकराज छाबड़ा सहारनपुर (उ० प्र०)
मेरे पेट में जोरों से दर्द था । मेरे पड़ोसी राम अवतार अरोड़ा, जो गुरुजी के भक्त हैं, ने गुरुजी से फोन पर मेरा दुःख दूर करने की प्रार्थना की। गुरुजी ने फोन पर मुझसे बात की। उन्होंने मुझे आँखें बन्द करने के लिए कहा। फिर बताया कि मेरे गर्द में छोटी सी पथरी है। उन्होंने कहा कि हम इसे अभी निकाल देते हैं।” और बताया कि पेशाब के साथ अभी निकलेगी, तुम पेशाब करके आओ। ऐसा ही हुआ। पेशाब के साथ मसूर की दाल के बराबर पथरी बाहर निकल गई। मेरा पेट दर्द ठीक हो गया।
कपिल 152 गोपाल पार्क, दिल्ली-51
मैं कन्हैया लाल, एक दिन मेरे पेट में पथरी का भयानक दर्द उठा। मेरे पड़ौसी अनिल मेहता जो गुरुजी के भक्त हैं, उन्होंने फोन करके गुरुजी को मेरा कष्ट दूर करने की विनती की। गुरुजी ने मुझे आँखें बंद करने के लिए कहा। फिर बोले, “पथरी छोटी सी है। अभी निकाल देते हैं।” उन्होंने मुझे थोड़ी देर के बाद पेशाब करने के लिए कहा और बताया कि पेशाब के साथ ही पथरी अभी निकल जाएगी। ऐसा ही हुआ। मेरा पेट दर्द भी ठीक हो गया।
कन्हैया लाल
पोस्ट आफिस वाली गली ईस्ट आजाद नगर दिल्ली-110051 हृदयरोग ठीक करना