मैं चन्द्रपाल शर्मा, 40 वर्षों से भयंकर सिरदर्द से पीड़ित था। डॉक्टरों ने इस बीमारी को लाइलाज घोषित कर दिया था। मैं रोजाना 17-18 रुपयों की दर्द- निवारक औषधियाँ खाकर गुजारा करता था। एक दिन जून 1992 में गुरुजी हमारे किसी पड़ोसी के घर आए। वहीं पर मैंने उन्हें अपनी पीड़ा बताई । गुरुजी ने मेरे सिर पर कई बार हाथ फेरा। उस दिन के बाद से मुझे कभी सिर दर्द नहीं हुआ। मैं अब महीने में तीन-चार बार गुरुजी के दर्शनार्थ आश्रम में जाता हूँ। गुरुजी अपने आशीर्वाद से न जाने कितने ही लोगों की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक परेशानियों का नित्य निवारण करते हैं। यहाँ तक कि टेलीफोन पर भी वे कष्ट दूर कर देते हैं। परमात्मा गुरुजी को लम्बी आयु प्रदान करें।
चन्द्रपाल शर्मा मकान नं0 3570-ए/4, नारंग पार्क कौलोनी, त्रीनगर, दिल्ली-110035