मुझे यार दोस्तों की संगत में स्मैक पीने की लत लग गई थी। मैं इस बुरी आदत को छोड़ना चाहता था । मैंने गुरुजी के पास जाकर उनसे प्रार्थना की कि मुझे इस मुसीबत से निकालें। गुरुजी ने मुझे आशीर्वाद दिया कि तुम्हारी यह लत खत्म हो जाएगी और तुम्हें बेचैनी भी नहीं होगी। गुरुजी ने मुझे एक महीने के लिए कुछ दवाएँ भी दी। तब से तीन वर्ष बीत गए हैं। मैंने नशे को हाथ भी नहीं लगाया है और मैं अपना काम धन्धा भी भली-भाँति कर रहा हूँ।
दयानन्द नरहौला मंदिर के पास नॉगलोई नजफगढ़ रोड-दिल्ली-110041