संत श्रद्धाराम आत्म-बोध साधना आश्रम

सूखा रोग हटाना

मेरी बेटी सरिता, उम्र दो वर्ष, को सूखा रोग हो गया था। बच्ची को बुखार रहता था और दिन-रात हरे दस्त लगे रहते थे। हिन्दुराव अस्पताल में पहले इलाज चला, मगर कोई आराम नहीं आया । फिर बच्ची को तिलकनगर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहाँ उसे ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई गई और खून की भी नौ बोतले चढ़ी, मगर न तो बुखार उतरा न ही दस्त बंद हुए। लड़की सिर्फ हड्डियों का ढाँचा बन कर रह गई। डॉक्टरों ने कह दिया कि लड़की अब बच नहीं सकती। बच्ची के पिता के एक मित्र के कहने पर मैं उसे गुरुजी के पास आश्रम ले आई। गुरुजी ने उसे सात दिन तक तो लगातार बुलाया, फिर हफ्ते में दो बार आने के लिए कहा। गुरुजी बच्ची के बदन पर हाथ फेरते थे। जिससे बच्ची को आश्चर्य जनक लाभहोता गया। डेढ़ महीने बच्ची का उपचार चला जिसमें केवल सत्ताईस रूपये की दवा दी गई। अब बच्ची बिल्कुल ठीक हो गई है। मैं गुरुजी की कृतज्ञ हूँ तथा उन्हें भगवान का रूप मानती हूँ।

     बीरमती
धर्मपत्नी-जगदीश चंद
गाँ-सिंघोला-दिल्ली

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