संत श्रद्धाराम आत्म-बोध साधना आश्रम

स्लिप डिस्क ठीक करना

मैं अशवनी बजाज, स्लिप डिस्क से पीड़ित था। कई जगह से इलाज करवाने के बाद भी मुझे आराम नहीं आया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए कह रखा था मगर मैंने नहीं करवाया क्योंकि रीढ़ की हड्डी के आपरेशन के कई दुष्परिणाम हो सकते हैं। एक दिन मैं गुरुजी के आश्रम आया । गुरुजी ने मेरी कमर पर हाथ फेरा और मुझे चलने के लिए कहा। मैं उठकर चल तो पड़ा मगर मुझे थोड़ा दर्द महसूस हुआ। गुरुजी ने फिर से हाथ फेरा, तो थोडा दर्द और कम हो गया। इस प्रकार मुझे कोई दस बारह बार आश्रम आना पड़ा। कुछ दवाइयाँ भी गुरुजी ने मुझे खाने को दी। 27 अगस्त 1994 को मैं बिल्कुल ठीक हो गया। अब मैं ठीक है और मेरी बेल्ट भी उत्तर गई है। मैं अब भाग दौड़ के सारे काम कर रहा हूँ। 

अशवनी वजाज
डी.डी.-18. कालका जी, दिल्ली-110019
दूरभाष नं0-6430030

मैं राजीव मेंहदीरत्ता, आयु 34 वर्ष, 25 अप्रैल 1993 को मेरी रीढ़ की हड्‌डी की डिस्क स्लिप हो गई। जिसके कारण मुझे तेज बुखार और भयानक दर्द रहने लगा। धीरे-धीरे दर्द दोनों टाँगों में उतर आया, नसें खिंचने लगीं और नाभि के नीचे का पूरा शरीर सुन्न पड़ गया। सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में इलाज कराया गया मगर कुछ लाभ न हुआ। फिर खर्च से तंग आकर अपने आपको ईश्वर के भरोसे छोड दिया और सोच लिया कि अब तो सारी उम्र बिस्तर पर लेटकर ही कटेगी। एक दिन मेरे ससुर जी मुझे जबरदस्ती गुरुजी के आश्रम ले गए। गुरुजी ने मेरी कमर में हाथ फेरा और मुझे खड़ा होकर चलने के लिए कहा। मैं लड़खड़ाकर चलने लगा। गुरुजी ने कहा “यह सात दिन में चलने लगेगा मगर रीढ़ की मांसपेशी तथा लिगामेंट को पूरी तरह मजबूत होने में तीन चार महीने लग जायेंगे। इसे झटके लगने से बचाना और वजन मत उठाने देना।” धीरे-धीरे मुझे काफी आराम आ गया। दो हफ्ते बाद मैं काम पर भी जाने लगा। चार महीने तक हफ्ते में एक बार मैं गुरुजी के पास जाता रहा। अब मै बिल्कुल ठीक हूँ।

                  राजीव मेंहदीरता, सुपुत्र-श्री भीमसेन
आर-41 इंद्रपुरी, दिल्ली-12
दूरभाष-5725406

में चतरसेन जैन, चार साल से स्लिप डिस्क से परेशान था। चलना फिरना तो दूर, उठना बैठना भी दूभर था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए कहा था, लेकिन में ऑपरेशन करवाना नहीं चाहता था। मेरा पुत्र मुझे 1993 में गुरुजी के आश्रम में लेकर आया। गुरुजी ने मेरी कमर पर हाथ फेरा तो मुझे कुछ आराम मिला। उन्होंने मुझे खाने की दवा दी और हफ्ते में दो-तीन बार आने के लिए कहा। तीन बार इलाज के बाद में खुद चलकर जाने लायक हो गया। दो महीने तक इलाज चला। अब मैं बिल्कुल ठीक हैं ।
गुरुजी की कृपा से मुझे नया जीवन मिला। 

                श्री चतरसेन जैन मोहल्ला महाजनान, रामपुर मनिहारान सहारनपुर (उत्तरप्रदेश)

मैं सुधीर बेरी, स्लिप डिस्क की बीमारी से बहुत परेशान था । अस्पताल में भर्ती भी रहा। काफी इलाज कराया, मगर आराम नहीं मिला। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने के लिए कहा लेकिन मैं ऑपरेशन नहीं कराना चाहता था । 13 अगस्त 1995 को मैं बूढ़पुर आश्रम गया। गुरुजी ने मेरी कमर पर हाथ फेरा, तो मुझे कुछ आराम महसूस हुआ। दस-बारह वार गुरुजी के पास इलाज और आशीर्वाद के लिए आया अब मैं बिल्कुल ठीक-ठाक हूँ।

Call Us Now
WhatsApp