पूर्णमासी (Purnamasi): हर माह की पूर्णिमा को विशेष सत्संग व दर्शन होते हैं। इस दिन भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं।
🔸 अमावस्या (Amawashya): अमावस्या के पावन अवसर पर भी भक्ति कार्यक्रम व दर्शन की विशेष व्यवस्था रहती है।
🔸 वार्षिक महोत्सव (Warshik Mahotsav): प्रत्येक वर्ष गुरुपूर्णिमा, स्थापना दिवस अथवा गुरु महाराज जी की पुण्यतिथि पर भव्य वार्षिक महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
🔸 मिलने का समय (Milane Ka Samay): गुरु दर्शन हेतु सामान्यत: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एवं सायं 4:00 बजे से 6:00 बजे तक का समय निर्धारित है। (कृपया विशेष अवसरों पर समय की पुष्टि पूर्व सूचना से कर लें।)